आईटीआर की झूठी खबर पर न दे ध्यान

ITR को पहले समझे

वास्तव में आपकी आमदनी और खर्च का लिखित हिसाब-किताब है. केंद्र सरकार को आप विस्तार से यह जानकारी देते हैं कि उस वित्त वर्ष में आपने अपनी नौकरी, कारोबार या पेशे से कितनी रकम कमाई.

वायरल झूठ सोशल मीडिया पर ITR को लेकर

वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए सोशल मीडिया पर एक झूठा मैसेज फैलाकर तेजी से वायरल किया जा रहा है जिसमे तिथि को लेकर संसय बनाया जा रहा है अभी भी कई ऐसे लोग है जो जानकारी के अभाव में ITR नहीं भर पाए है जिसके वजह से सोशल मीडिया का सहारा लेकर कुछ दिग्भ्रमित कर रहे है. उसमें कहा गया है कि ITR फाइलिंग के लिए एक महीने का समय और मिल गया है और अब आखिरी डेट 31 अगस्त की बजाय 30 सितंबर है। इतना ही नहीं CBDT का एक कथित लेटर भी शेयर किया जा रहा है। 

सच क्या है ?

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने स्पष्ट किया है कि ITR फाइलिंग की डेट नहीं बढ़ाई गई है। CBDT ने टैक्सपेयर्स से अपील की है कि निर्धारित सीमा 31 अगस्त 2019 तक ही दी गयी है यह फर्जी मेसेज है।

समय सीमा खत्म होने पर विकल्प


यदि आप 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल नहीं किये है तो आपके पास विकल्प के तौर पर पेनाल्टी देनी होगी.अर्थात 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल करने पर 5,000 रुपये पेनाल्टी देनी होगी. जबकि दिसंबर के बाद रिटर्न फाइल किया तो 10,000 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले जाएंगे. 

आईटीआर नहीं भरने वालो के लिए

अपनी कमाई हुई सम्पति का सरकार के पास ब्यौरा आईटीआर के माध्यम से नहीं दिखा पाते है या नहीं भरने पर तीन महीने से दो साल तक की जेल हो सकती है. अगर इनकम टैक्स का बकाया 25 लाख रुपये से ज्यादा है तो 7 साल तक की जेल हो सकती है.

जानें जीरो आईटीआर (ZERO ITR) के बारे में

जीरो आईटीआर (ITR) का मतलब यह है क‍ि आप सरकार को टैक्स तो नहीं चुकाते, लेक‍िन अपनी आमदनी और खर्च की जानकारी देते हैं.आयकर विभाग के मौजूदा नियमों के हिसाब से अगर आपकी करयोग्य आमदनी सालाना 2.5 लाख रुपये से कम है, तो आपके लिए आईटीआर (ITR) भरना जरूरी नहीं है. आप ऐसे में भी जीरो आईटीआर (ITR) भर सकते हैं. 

 

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